यह वेबसाइट सरकारी नहीं है। यह बिहार भूमि पोर्टल को समझाने वाली एक स्वतंत्र हिंदी गाइड है।

Bihar Jamin Registration: रजिस्ट्री से पहले जमाबंदी, खाता और बंधक की जाँच

रजिस्ट्री खुद Bihar Bhumi की सेवा नहीं है: विभाग की सेवा-सूची में उसकी कोई सेवा नहीं। पर खरीदने से पहले जमाबंदी, खेसरा, रकबा और बंधक देखना, और रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज कराना Bihar Bhumi पर होता है; विभाग के FAQ (3 जून 2025) के अनुसार अधिकार मिलने के 90 दिन के भीतर। निबंधन के साथ दाखिल-खारिज का एक प्रपत्र (SuoMotuForm) भी पोर्टल पर है।

Bihar jamin registration (रजिस्ट्री) से पहले की जाँच: जमाबंदी देखें, खेसरा और रकबा मिलाएँ, बंधक की जाँच, और रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज के 90 दिन
रजिस्ट्री से पहले क्या देखें

Bihar Jamin Registration: Bihar Bhumi पर क्या होता है और क्या नहीं

जो लोग “bihar jamin registration” या “जमीन रजिस्ट्री बिहार” खोजते हैं, वे अक्सर दो अलग चीज़ों को एक मान लेते हैं। रजिस्ट्री (निबंधन) में बिक्री का दस्तावेज़, यानी केवाला या बैनामा, पंजीकृत होता है (यह हमारी सामान्य जानकारी है; शब्दावली, 13 अक्टूबर 2025, “बैनामा रजिस्ट्री” को बिक्री का केवाला कहती है)। दाखिल-खारिज में सरकार के राजस्व रिकॉर्ड, यानी जमाबंदी, में नए मालिक का नाम चढ़ता है। Bihar Bhumi पोर्टल दूसरे काम का है: विभाग की सेवा-सूची (पोस्टर AD05, 15 जुलाई 2024; बुकलेट, 2 अप्रैल 2025) में रजिस्ट्री की कोई सेवा नहीं है।

इसलिए Bihar Jamin Registration का रास्ता तीन हिस्सों का है: रजिस्ट्री से पहले जाँच (Bihar Bhumi पर), रजिस्ट्री (निबंधन कार्यालय में; यह हमारी सामान्य जानकारी है, विभागीय पेज की नहीं) और रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज (Bihar Bhumi पर)।

Bihar Jamin Registration से पहले जमाबंदी देखें (Jamabandi Bihar)

Bihar Jamin Registration से पहले के लिए दाखिल-खारिज के विभागीय FAQ (3 जून 2025) में खरीदारों से सीधी अपील है: ज़मीन सिर्फ़ जमाबंदी रैयत से खरीदें, और खरीदने से पहले पोर्टल पर देखें कि जमाबंदी ऑनलाइन है और जिस खाता, खेसरा और रकबे का दाखिल-खारिज होना है, वह ऑनलाइन उपलब्ध है। वजह: आवेदन तभी हो सकता है जब विक्रेता की जमाबंदी ऑनलाइन हो और उसमें खारिज होने लायक रकबा दर्ज हो। जमाबंदी देखने के लिए लॉगिन नहीं चाहिए (पोस्टर AD05, 15 जुलाई 2024)।

  1. जमाबंदी पंजी खोलें

    होम पेज पर “जमाबंदी पंजी देखें” दबाएँ, जिला और अंचल चुनकर “Proceed” दबाएँ (FAQ, 3 जून 2025)।

    “पंजी-II प्रतिवेदन” पेज: जिला और अंचल चुने हुए, हरा “Proceed” बटन; तीनों पर लाल तीर, हलका और मौज़ा की सूचियाँ अभी खाली
    “पंजी-II प्रतिवेदन” पेज: जिला और अंचल चुने हुए, हरा “Proceed” बटन; तीनों पर लाल तीर, हलका और मौज़ा की सूचियाँ अभी खाली सरकारी पोर्टल का स्क्रीनशॉट
  2. मौज़ा चुनें और खोजें

    खाता, खेसरा, रैयत का नाम, भाग-पृष्ठ संख्या या पुरानी या कम्प्यूटरीकृत जमाबंदी संख्या में से एक विकल्प भरकर “Search” दबाएँ, या मौज़ा की सारी जमाबंदियाँ देखें। विक्रेता के कागज़ से खाता और खेसरा नंबर लेकर चलें।

    हलका और मौज़ा चुने हुए; “खाता नंबर से खोजे” चुना और खाता संख्या (धुंधली की गई) व सुरक्षा कोड भरा; नीचे हरा “Search” बटन, लाल तीरों के साथ
    हलका और मौज़ा चुने हुए; “खाता नंबर से खोजे” चुना और खाता संख्या (धुंधली की गई) व सुरक्षा कोड भरा; नीचे हरा “Search” बटन, लाल तीरों के साथ सरकारी पोर्टल का स्क्रीनशॉट
  3. विक्रेता की जमाबंदी चुनें

    सूची में विक्रेता के नाम की जमाबंदी के सामने “view” दबाएँ।

    खोज का नतीजा: जमाबंदी की सूची की एक पंक्ति, जिसमें खाता संख्या, भाग, पृष्ठ और जमाबंदी संख्या के साथ आँख के निशान वाला “देखें” आइकन है (नाम और संख्याएँ धुंधली की गई हैं)
    खोज का नतीजा: जमाबंदी की सूची की एक पंक्ति, जिसमें खाता संख्या, भाग, पृष्ठ और जमाबंदी संख्या के साथ आँख के निशान वाला “देखें” आइकन है (नाम और संख्याएँ धुंधली की गई हैं) पोर्टल की स्क्रीन का नमूना-चित्र
  4. ब्योरा, तालिका और नीचे के हिस्से रजिस्ट्री के कागज़ से मिलाएँ

    2021 के विभागीय नमूने में ऊपर जिला, अंचल, हलका, मौजा, जमाबंदी संख्या और होल्डिंग है, तालिका में खाता, प्लॉट, रकबा, चौहद्दी, लगान और सेस, और नीचे लगान की रसीदों की तालिका व दाखिल-खारिज के ब्योरे का खाना।

Bihar Jamin Registration में तीन जोखिम: मिलजुमले रकबा, संयुक्त जमाबंदी, बिना बँटवारे की बिक्री

  • मिलजुमले रकबा। FAQ (3 जून 2025): “कभी नहीं, मिलजुमले रकबा का दाखिल-खारिज संभव नहीं है”; ऐसे रकबे के निबंधित दस्तावेज़ पर फ़िलहाल रोक है। विक्रेता की जमाबंदी में ही इकट्ठा रकबा हो, तो वह साक्ष्य देकर परिमार्जन प्लस से हर खेसरा का अलग रकबा दर्ज करा सकता है।
  • संयुक्त जमाबंदी। बुकलेट (2 अप्रैल 2025): अन्य हिस्सेदारों का सहमति पत्र अनिवार्य है। FAQ भी वंशज या एक हिस्सेदार से खरीदने पर सभी हिस्सेदारों का लिखित सहमति पत्र माँगता है।
  • बिना बँटवारे की बिक्री। FAQ (3 जून 2025) का उदाहरण: भाई पुश्तैनी ज़मीन बँटवारे के बिना बेच दे, तो खरीदार के दाखिल-खारिज पर दूसरा हिस्सेदार आपत्ति कर सकता है, और आपत्ति सही निकले तो अंचलाधिकारी मालिकाना हक़ नहीं बदलते।

Bandhak Bhumi जाँच: Bihar Jamin Registration से पहले Land Mortgage देखें

बुकलेट (2 अप्रैल 2025) के अनुसार बैंक ज़मीन पर ऋण देते हैं तो बैंकर उस जमाबंदी के प्लॉट पर ऋण का ब्योरा दर्ज करते हैं, और वह जमाबंदी पंजी पर दिखता है। जमाबंदी का पेज खोलकर “जमाबंदी के विरुद्ध भूमि बंधक (Land Mortgage) से सम्बंधित विवरण” का लिंक दबाएँ; जमाबंदी या उसके किसी खेसरा पर बंधक ऋण होगा तो ब्योरा दिखेगा।

इसके अलावा होम पेज पर “बंधक भूमि को देखने की सुविधा” का अलग लिंक है, जो land.bihar.gov.in के “Encumbrances” पेज पर जाता है। पोस्टर AD05 उसे बिना लॉगिन वाली “ऑनलाइन सूचना” में गिनता है। वहाँ क्या पूछा और दिखाया जाता है, यह विभाग के हमारे पढ़े पेजों में नहीं समझाया गया।

  1. “बंधक भूमि को देखने की सुविधा” खोलें

    होम पेज का यह लिंक land.bihar.gov.in के पेज पर ले जाता है। वहाँ जो माँगा जाए, उसी हिसाब से खोजें।

हमारी व्याख्या: जमाबंदी पर बंधक न दिखना बंधक न होने का पक्का सबूत नहीं है, क्योंकि विभाग खुद कहता है कि सिर्फ़ ऑनलाइन हो चुके मामले दिखते हैं। हमारी सलाह: दोनों जगह देखें और विक्रेता से बैंक के कागज़ भी माँगें।

LPC (भूमि दखल-कब्ज़ा प्रमाण पत्र): आवासीय ज़मीन और Bihar Jamin Registration

बुकलेट (2 अप्रैल 2025) के अनुसार LPC की ज़रूरत सरकारी लाभ या ऋण लेने के लिए पड़ती है; Bihar Jamin Registration की शर्त के रूप में उसका ज़िक्र नहीं है। वह डिजिटाइज्ड जमाबंदी के विरुद्ध, ऑनलाइन जमाबंदी की जाँच और रैयत के स्व-घोषणा पत्र के आधार पर अंचलाधिकारी जारी करते हैं। जमाबंदी में लगान अद्यतन न हो तो आवेदन से पहले ऑनलाइन लगान भरना होता है। LPC की फ़ीस और समय बुकलेट में नहीं हैं; “10 दिन” की बात सिर्फ़ 2021 की पुरानी प्रक्रिया-शीट (पुराने पोर्टल की) में है।

आवासीय ज़मीन। FAQ (3 जून 2025) के अनुसार जमाबंदी में खेती की जोत के साथ आवासीय भूमि के रैयत भी दर्ज होते हैं। हमारी व्याख्या: आवासीय प्लॉट की जमाबंदी हो तो उसका LPC भी इसी रास्ते बन सकता है। पर “आवासीय भूमि के लिए LPC” किसी विभागीय पेज में अलग से नहीं लिखा। हमारी सलाह: जहाँ LPC चाहिए, जैसे बैंक का ऋण, वहीं से पूछ लें। चरण LPC की गाइड में हैं।

Bihar Jamin Registration के बाद दाखिल-खारिज: 90 दिन की सीमा

विभाग के FAQ (3 जून 2025) के अनुसार ज़मीन का अधिकार हासिल करने के 90 दिन के भीतर, उस अधिकार के दस्तावेज़ के आधार पर, दाखिल-खारिज का आवेदन किया जा सकता है। क्रय-विक्रय और दान में दस्तावेज़ निबंधित दस्तावेज़ यानी केवाला है। देर हो तो आवेदन के साथ विलंब माफी याचिका लगती है, जिस पर अंचल अधिकारी योग्यता के आधार पर निर्णय लेते हैं।

  • फ़ीस: “दाखिल-खारिज पूर्णतः निःशुल्क है”। यह विभाग की सेवा की बात है, किसी एजेंट या केंद्र की अपनी फ़ीस की नहीं।
  • समय: आपत्ति न आए तो 35 कार्य दिवस और आए तो 75 कार्य दिवस के भीतर निपटारा।
  • लॉगिन: आवेदन अपने ही लॉगिन से करें। ज़मीन जमाबंदी रैयत से नहीं, किसी और से मिली हो तो वंशावली, जमाबंदी रैयत से विक्रेता के संबंध का साक्ष्य और अन्य हिस्सेदारों का सहमति पत्र भी लगते हैं।

आवेदन दाखिल-खारिज की गाइड में है, स्थिति दाखिल-खारिज स्टेटस में, और लॉगिन Bihar Bhumi Login में।

Suo-Moto दाखिल-खारिज: Bihar Jamin Registration के साथ का प्रपत्र

होम पेज (7 नवंबर 2026) का “निबन्धन के साथ दाखिल ख़ारिज का प्रपत्र” लिंक एक पन्ने की SuoMotuForm.pdf खोलता है (फ़ाइल की सर्वर-तारीख 1 अप्रैल 2021)। हमारे पास सिर्फ़ यही फ़ॉर्म है; FAQ और बुकलेट में सुओ-मोटो का ज़िक्र नहीं है।

  1. शीर्षक, पता और विषय

    शीर्षक “Suo-Moto दाखिल-खारिज हेतु आवेदन पत्र” है; वह “सेवा में, अंचल अधिकारी” को संबोधित है और उसमें “द्वारा: जिला अवर निबंधक/अवर निबंधक” लिखा है। आवेदक ने अंचल में केवाला या दानपत्र से प्लॉट निबंधित कराया है।

  2. आठ खाने और हस्ताक्षर

    (1) क्या विक्रेता जमाबंदीदार रैयत है; (2) जमाबंदी संख्या; (3) जमाबंदी का भाग और पृष्ठ; (4) क्या क्रेता एक है; (5) क्या विक्रेता एक है; (6) क्रेता का नाम, पता, जाति, मोबाइल; (7) विक्रेता का वही ब्योरा; (8) भूमि का ब्योरा: जिला, अंचल, हल्का, मौजा, थाना नंबर, खाता, खेसरा, रकबा और चौहद्दी। अंत में निबंधित भूमि का ऑन-लाइन दाखिल-खारिज करने का अनुरोध और आवेदक के हस्ताक्षर का खाना।

विभाग ने नहीं बताया: कौन इसे भरे, किस दफ़्तर में दे, कितने समय में, फ़ीस है या नहीं, और यह ऑनलाइन आवेदन की जगह लेता है या नहीं। FAQ (3 जून 2025) के अनुसार बिहार में आवेदन सिर्फ़ ऑनलाइन होता है। हमारी सलाह: इसे ऑनलाइन आवेदन का विकल्प न मानें। हमारा अनुमान है, पक्का नहीं: “द्वारा: अवर निबंधक” से लगता है कि यह रजिस्ट्री दफ़्तर के रास्ते अंचल तक जाने के लिए है।

हमारी सलाह: जो भी रास्ता लें, रजिस्ट्री के बाद देखते रहें कि आपके प्लॉट पर आवेदन दर्ज हुआ या नहीं। पोस्टर AD15 (30 जुलाई 2024) के अनुसार “दाखिल-खारिज आवेदन स्थिति देखें” में जिला, अंचल और वर्ष चुनकर “Proceed” दबाएँ, फिर मौज़ा और प्लॉट संख्या भरकर “Search” करें।

Bihar Jamin Registration चेकलिस्ट: विभाग क्या कहता है, हमारी सलाह क्या है

# जाँच आधार
1 विक्रेता ही जमाबंदी रैयत है, जमाबंदी ऑनलाइन है विभाग (FAQ, 3 जून 2025)
2 खाता, खेसरा कागज़ से मिलते हैं; रकबा पर्याप्त है विभाग (FAQ, 3 जून 2025)
3 रकबा कई खेसरा का इकट्ठा (मिलजुमले) नहीं है विभाग (FAQ, 3 जून 2025)
4 संयुक्त जमाबंदी हो तो सबका सहमति पत्र है विभाग (बुकलेट, 2 अप्रैल 2025)
5 “भूमि बंधक” लिंक और “बंधक भूमि को देखने की सुविधा” देखी विभाग की सुविधा (बुकलेट); जाँच हमारी सलाह
6 लगान की रसीदें और तारीखें देखीं जमाबंदी में रसीद दर्ज होती है (FAQ); जाँच हमारी सलाह
7 प्लॉट पर पहले से कोई दाखिल-खारिज आवेदन नहीं विभाग की सुविधा (पोस्टर AD15); जाँच हमारी सलाह
8 जमाबंदी पेज का तारीख़ के साथ स्क्रीनशॉट रखा हमारी सलाह
9 नक्शे पर प्लॉट और चौहद्दी मैदान से मिलाई (भू-नक्शा) हमारी सलाह
10 विक्रेता के पुराने कागज़ और पिछला निबंधित दस्तावेज़ देखा हमारी सलाह
11 रजिस्ट्री के बाद 90 दिन में दाखिल-खारिज का आवेदन विभाग (FAQ, 3 जून 2025)

खाता-खेसरा का फ़र्क यहाँ है, जमाबंदी का पूरा पेज Jamabandi Bihar में।

Bihar Jamin Registration के बारे में विभाग के पेजों में जो नहीं बताया गया

  • रजिस्ट्री की फ़ीस, स्टांप शुल्क और रजिस्ट्री की प्रक्रिया।
  • रजिस्ट्री के लिए LPC चाहिए या नहीं; आवासीय ज़मीन के लिए LPC अलग से।
  • 90 दिन किस तारीख से गिने जाएँ।
  • सुओ-मोटो प्रपत्र: कौन भरे, कहाँ दे, कितने समय में।
  • “बंधक भूमि को देखने की सुविधा” पेज पर क्या पूछा और दिखाया जाता है।

आगे क्या करें

Bihar Jamin Registration: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या Bihar Jamin Registration यानी ज़मीन की रजिस्ट्री Bihar Bhumi पोर्टल पर होती है?

नहीं। विभाग की सेवा-सूची (पोस्टर AD05, 15 जुलाई 2024; बुकलेट, 2 अप्रैल 2025) में रजिस्ट्री की कोई सेवा नहीं है। पोर्टल पर रजिस्ट्री से पहले जमाबंदी देखना और बाद में दाखिल-खारिज कराना होता है।

Bihar Jamin Registration से पहले जमाबंदी में क्या देखना चाहिए?

विभाग के FAQ (3 जून 2025) के अनुसार देखें कि विक्रेता ही जमाबंदी रैयत है, उसकी जमाबंदी ऑनलाइन है, और जिस खाता, खेसरा और रकबे का दाखिल-खारिज होना है, वह उसमें दर्ज है।

रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज कब तक कराना चाहिए?

विभाग के FAQ (3 जून 2025) के अनुसार अधिकार हासिल करने के 90 दिन के भीतर, अधिकार के दस्तावेज़ के आधार पर। हमारी सलाह है कि रजिस्ट्री की तारीख से गिनें, क्योंकि FAQ में नहीं लिखा कि गिनती किस तारीख से शुरू मानी जाए।

90 दिन निकल जाएँ तो क्या करें?

विभाग के FAQ (3 जून 2025) के अनुसार आवेदन के साथ विलंब माफी याचिका लगानी होती है, जिस पर अंचल अधिकारी योग्यता के आधार पर निर्णय लेते हैं। देर न करें, क्योंकि याचिका मानने का आधार FAQ में नहीं लिखा।

दाखिल-खारिज की फ़ीस क्या है, और रजिस्ट्री की फ़ीस कितनी है?

FAQ (3 जून 2025) में लिखा है कि “दाखिल-खारिज पूर्णतः निःशुल्क है”; यह विभाग की सेवा की बात है, किसी एजेंट की फ़ीस की नहीं। रजिस्ट्री की फ़ीस या स्टांप शुल्क विभाग के हमारे पढ़े दस्तावेज़ों में नहीं है, इसलिए कोई रकम नहीं लिखते।

क्या जमाबंदी में बंधक (Land Mortgage) दिखता है?

बुकलेट (2 अप्रैल 2025) के अनुसार बैंक ऋण का ब्योरा जमाबंदी के प्लॉट पर दर्ज करते हैं, जो जमाबंदी के “भूमि बंधक” लिंक से दिखता है। FAQ (3 जून 2025) के अनुसार यह तभी दिखता है जब मामला ऑनलाइन हो चुका हो। हमारी व्याख्या: इसलिए कुछ न दिखना पूरा सबूत नहीं है।

सुओ-मोटो दाखिल-खारिज क्या है?

होम पेज पर “निबन्धन के साथ दाखिल ख़ारिज का प्रपत्र” का लिंक है, जो SuoMotuForm.pdf खोलता है; वह अंचल अधिकारी को “द्वारा: जिला अवर निबंधक/अवर निबंधक” संबोधित है। कौन भरे, कहाँ दे, कितने समय में, यह विभाग ने नहीं बताया।

संयुक्त जमाबंदी या मिलजुमले रकबे की ज़मीन खरीदें तो क्या चाहिए?

संयुक्त जमाबंदी हो तो अन्य हिस्सेदारों का सहमति पत्र अनिवार्य है (बुकलेट, 2 अप्रैल 2025)। FAQ (3 जून 2025) के अनुसार मिलजुमले रकबे का दाखिल-खारिज “कभी नहीं” हो सकता; पहले हर खेसरा का रकबा अलग कराना होता है।

क्या रजिस्ट्री होते ही जमाबंदी में खरीदार का नाम चढ़ जाता है?

नहीं। विभाग के FAQ (3 जून 2025) के अनुसार सिर्फ़ बिक्री से राजस्व रिकॉर्ड में मालिकाना हक़ नहीं बदलता; दाखिल-खारिज की प्रक्रिया करनी होती है। शुद्धि पत्र निकलते ही रकबा पुराने रैयत से कटकर नए रैयत के नाम चढ़ जाता है।

इस पेज के स्रोत

इस गाइड के तथ्य विभाग के इन दस्तावेज़ों से लिए गए हैं (तारीख उस दस्तावेज़ की, जिस दिन उसमें बदलाव हुआ या हमने उसे देखा):

  • विभाग का FAQ पेज: दाखिल-खारिज (FAQ_13) · 3 जून 2025
  • विभाग का FAQ पेज: जमाबंदी (FAQ_12) · 3 जून 2025
  • बुकलेट “बिहारभूमि: ऑनलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी” V1.1 · 2 अप्रैल 2025
  • नागरिक-सुविधा पोस्टर AD05 (सेवाओं की सूची) · 15 जुलाई 2024
  • नागरिक-सुविधा पोस्टर AD15 (प्लॉट पर आवेदन देखना) · 30 जुलाई 2024
  • Bihar Bhumi का होम पेज: बंधक भूमि और निबन्धन के साथ दाखिल ख़ारिज के लिंक · 7 नवंबर 2026 (हमारी जाँच की तारीख)
  • निबन्धन के साथ दाखिल ख़ारिज का प्रपत्र (SuoMotuForm.pdf) · 1 अप्रैल 2021 (फ़ाइल की सर्वर-तारीख)
  • राजस्व शब्दावली (Revenue Glossary Terms) · 13 अक्टूबर 2025
  • LPC प्रक्रिया-शीट (FAQ/4.pdf), पुराने पोर्टल की · 23 फरवरी 2021

इस गाइड के पीछे कौन

Ashok Sharma, लेखक, Bihar Bhumi Guide
Ashok Sharma लेखक

इस साइट की गाइड लिखते हैं और हर तथ्य के साथ विभाग के दस्तावेज़ का नाम और तारीख दर्ज करते हैं।

Aarav Aditiya समीक्षक

हर गाइड में लिखे पते, तारीखें और नियम विभाग के दस्तावेज़ से मिलाकर जाँचते हैं और जाँच की तारीख दर्ज करते हैं।

पोर्टल से आखिरी मिलान: 7 नवंबर 2026 · पेज का अपडेट: 7 नवंबर 2026

हमारी जाँच की प्रक्रिया यहाँ लिखी है। कोई बात गलत या बदली हुई दिखे तो हमें बताइए।