Dakhil Kharij Online: बिहार में ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज़ और प्रक्रिया
दाखिल-खारिज निःशुल्क है (विभाग का FAQ, 3 जून 2025); अधिकार मिलने के 90 दिन में आवेदन, आपत्ति न हो तो 35 और हो तो 75 कार्य दिवस में निपटारा। Dakhil Kharij Online का आवेदन biharbhumi.bihar.gov.in पर मोबाइल लॉगिन से होता है।
यह लेख Bihar Bhumi की मुख्य गाइड का हिस्सा है। जमाबंदी, खाता-खेसरा, भू-लगान, दाखिल-खारिज और नक्शा, सारी सेवाएँ एक जगह: Bihar Bhumi 2026 की मुख्य गाइड।
Dakhil Kharij Kya Hota Hai: मतलब, meaning और in English
Dakhil kharij kya hota hai? विभाग के FAQ (3 जून 2025) में पहला सवाल यही है। जवाब: दाखिल-खारिज एक कानूनी प्रक्रिया है, जिससे ज़मीन के मालिकाना हक़ में हुआ बदलाव सरकारी रिकॉर्ड, यानी जमाबंदी पंजी में दर्ज किया जाता है। कोई ज़मीन खरीदे, बेचे या किसी और तरह से मालिक बदले, तो उस बदलाव को जमाबंदी में चढ़ाना ही दाखिल-खारिज है। Dakhil Kharij Online यही प्रक्रिया ऑनलाइन करना है, और बिहार में आवेदन अब सिर्फ़ ऑनलाइन होता है।
Dakhil kharij meaning (मतलब). हमारी सरल व्याख्या: जिसके नाम ज़मीन चढ़ती है उसके नाम वह “दाखिल” होती है, और जिसकी कटती है उसके नाम से “खारिज”। विभाग का वाक्य भी यही कहता है: शुद्धि पत्र निकलते ही “प्रश्नगत खेसरा का रकबा पूर्व रैयत से खारिज होकर नए रैयत के नाम से दाखिल हो जाएगा” (FAQ, प्रश्न 19)।
Dakhil kharij in English. अंग्रेज़ी में यह mutation है। राजस्व शब्दावली (13 अक्टूबर 2025) के अनुसार इसमें जमाबंदी बदलकर नए मालिक का नाम दर्ज होता और पुराने का हटता है; कारण बिक्री, उत्तराधिकार या बँटवारा हो सकते हैं। बोलचाल में लोग motesan, म्यूटेशन या ऑनलाइन म्यूटेशन बिहार भी लिखते हैं।
यह गाइड सिर्फ़ बिहार की ज़मीन के लिए है। Dakhil kharij up (उत्तर प्रदेश) के नियम दूसरे राज्य के हैं और हमारे स्रोतों में नहीं हैं, इसलिए यहाँ की समय-सीमाएँ वहाँ लागू न मानें। पोर्टल का परिचय Bihar Bhumi के होम पेज पर है।
Dakhil Kharij Online कब और किसे कराना है: 90 दिन का नियम
Dakhil kharij online किन पर लागू होता है? FAQ (प्रश्न 4) के अनुसार जो भी किसी उपाय से होल्डिंग या उसके भाग का अधिकार हासिल करे, वह अधिकार के दस्तावेज़ के आधार पर आवेदन कर सकता है: खरीदार, दान पाने वाला, वारिस, बँटवारे में हिस्सा पाने वाला, पर्चा पाने वाला, सब।
FAQ यह नहीं बताता कि कौन-सी देरी माफ़ होती है, याचिका का अलग शुल्क है या नहीं, और अस्वीकार हो जाए तो आगे क्या। हमारी सलाह है कि देर न करें और 90 दिन हक़ मिलने की तारीख से गिनें।
Dakhil Kharij Bihar के 15 आधार: किस हक़ पर कौन-सा दस्तावेज़
FAQ (3 जून 2025, प्रश्न 4) में 15 तरीके (क) से (ण) तक गिनाए हैं। तालिका Dakhil Kharij Online के आवेदन में लगने वाले दस्तावेज़ों का सार है; दस्तावेज़ और अधिनियम के नाम FAQ के हैं। “छाया प्रति” का मतलब फ़ोटोकॉपी है।
| क्रम | हक़ मिलने का आधार | लगने वाला दस्तावेज़ | अधिनियम या नीति (जहाँ FAQ ने नाम दिया) |
|---|---|---|---|
| (क) | क्रय-विक्रय, दान | निबंधित दस्तावेज़ (केवाला) | नाम नहीं दिया |
| (ख) | विनिमय (अदला-बदली) | निबंधित दस्तावेज़ | नाम नहीं दिया |
| (ग) | होल्डिंग का बँटवारा | इनमें से एक: न्यायालय का बँटवारा-आदेश; निबंधित बँटवारा; सब फरीक के हस्ताक्षर वाला आपसी बँटवारा; पंचायती बँटवारा (सबकी छाया प्रति)। साथ में सभी फरीक की लिखित सहमति | नाम नहीं दिया |
| (घ) | विरासत, निर्वसीयत उत्तराधिकार या वसीयती | मृत्यु प्रमाण पत्र और वंशावली | नाम नहीं दिया |
| (ङ) | विल (वसीयत) | प्रोबेट आदेश के साथ वसीयत | नाम नहीं दिया |
| (च) | न्यायालय का आदेश या डिक्री | सक्षम न्यायालय के स्वत्व वाद के आदेश की छाया प्रति | सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 |
| (छ) | भूमि विवाद समाधान में न्यायालय का आदेश या डिक्री | सक्षम न्यायालय के आदेश की छाया प्रति | बिहार भूमि विवाद समाधान अधिनियम, 2009 |
| (ज) | सार्वजनिक भूमि का बंदोबस्त, हस्तांतरण या असाइनमेंट | पर्चा की प्रति | सक्षम प्राधिकारी द्वारा; अधिनियम का नाम नहीं |
| (झ) | भू-अर्जन | अधिघोषणा तथा अवार्ड की प्रति | भू-अर्जन अधिनियम, 1894 |
| (ञ) | भूदान में मिली भूमि | पर्चा की प्रति | बिहार भूदान यज्ञ अधिनियम, 1954 |
| (ट) | वासगीत स्थल की बंदोबस्ती | पर्चा की प्रति | बिहार प्रश्रय प्राप्त व्यक्ति वासगीत काश्तकारी अधिनियम, 1947 |
| (ठ) | महादलित परिवारों के लिए रैयती भूमि का त्रिपक्षीय क्रय | निबंधित दस्तावेज़ तथा पर्चा की प्रति | क्रय नीति, 2010 |
| (ड) | कोशी क्षेत्र में पूर्व रैयत को भूमि की वापसी | रद्द करने की अधिसूचना की प्रति | कोशी क्षेत्र (रैयतों को भूमि-वापसी) अधिनियम, 1951 |
| (ढ) | पूर्व रैयत को भूमि की वापसी | रद्द करने की अधिसूचना की प्रति | भू-अर्जन अधिनियम, 1894 |
| (ण) | अधिशेष भूमि का बंदोबस्त | पर्चा की प्रति | बिहार भूमि सुधार (अधिकतम सीमा निर्धारण एवं अधिशेष भूमि अर्जन) अधिनियम, 1961 |
जमाबंदी रैयत से न खरीदा हो तो. FAQ (प्रश्न 6) के अनुसार हक़ जमाबंदी रैयत से मिला हो तो ऊपर के दस्तावेज़ के अलावा कुछ नहीं चाहिए। किसी और से मिला हो तो साथ में तीन चीज़ें और लगती हैं: वंशावली, जमाबंदी रैयत से बेचने वाले के संबंध का सबूत, और बाकी हिस्सेदारों का सहमति-पत्र। बुकलेट (2 अप्रैल 2025) के अनुसार हर साक्ष्य का अलग PDF चढ़ा सकते हैं।
Dakhil Kharij Online की फीस और समय: निःशुल्क, 35 और 75 कार्य दिवस
फीस. Dakhil kharij online की फीस पर FAQ (प्रश्न 18) का पूरा जवाब एक वाक्य है: “दाखिल-खारिज पूर्णतः निःशुल्क है।” यह विभाग की सेवा के बारे में है। फ़ॉर्म भरने वाला साइबर कैफ़े या एजेंट कितना ले सकता है, यह विभाग ने नहीं लिखा; उसे इस वाक्य में न गिनें।
समय. FAQ (प्रश्न 17) में अंचल अधिकारी के आदेश की दो अवधियाँ हैं:
- आपत्ति न आई हो: याचिका की प्राप्ति के 35 कार्य दिवसों के भीतर आदेश देकर निपटारा।
- आपत्ति आई हो: पक्षों को सुनवाई और साक्ष्य का उचित अवसर देने के बाद, याचिका प्राप्त होने के 75 कार्य दिवसों के भीतर।
हमारी सरल व्याख्या है कि 14 दिन की सूचना इसी अवधि में आती है; विभाग ने यह सीधे नहीं लिखा। FAQ का प्रश्न 24 कहता है कि जमाबंदी-धारक वाद के निष्पादन से “कम से कम 15 दिन पूर्व” अवगत हो सकता है। 14 और 15 दिन आपस में कैसे मिलते हैं, यह नहीं बताया; दोनों को मिलाकर तीसरी संख्या न बनाएँ। गिनती कब से शुरू होती है और “कार्य दिवस” में कौन-से दिन आते हैं, यह भी नहीं लिखा।
Dakhil Kharij Online से पहले की पाँच शर्तें
विभाग का FAQ, बुकलेट और लॉगिन पेज की सूचना इन्हीं बातों पर ज़ोर देते हैं। आवेदन से पहले जाँच लें।
- बेचने वाले की जमाबंदी ऑनलाइन हो और उसमें रकबा हो. FAQ (प्रश्न 8) के अनुसार जिस खेसरा का दाखिल-खारिज होना है, उसके बेचने वाले की जमाबंदी ऑनलाइन और उसमें खारिज होने के लिए पर्याप्त रकबा दर्ज होना चाहिए। बुकलेट (2 अप्रैल 2025) इसे “अनिवार्य कर दिया गया” कहती है, और लॉगिन पेज की “अतिआवश्यक सूचना” (7 नवंबर 2026) भी पहले बेचने वाले की जमाबंदी देख लेने को कहती है।
- न हो तो पहले परिमार्जन प्लस. FAQ (प्रश्न 13) के अनुसार जमाबंदी ऑनलाइन न हो या उसमें खाता-खेसरा-रकबा न हो, तो पहले उसे परिमार्जन प्लस से ऑनलाइन या ठीक कराएँ।
- संयुक्त जमाबंदी हो तो सहमति-पत्र. बुकलेट के अनुसार बेचने वाले की जमाबंदी संयुक्त हो तो अन्य हिस्सेदारों का सहमति-पत्र लगाना अनिवार्य होगा। FAQ (प्रश्न 12) में वंशज या एक हिस्सेदार से खरीदने पर भी सभी हिस्सेदारों के लिखित सहमति-पत्र की बात है।
- मिलजुमले रकबा नहीं चलेगा. FAQ (प्रश्न 14): “कभी नहीं, मिलजुमले रकबा का दाखिल-खारिज संभव नहीं है।” मिलजुमले रकबा यानी दो या ज़्यादा खेसरा का एक साथ दर्ज रकबा। ऐसे रकबे के निबंधित दस्तावेज़ पर अभी रोक है; पुराने दस्तावेज़ वाले अंचल अमीन से ई-मापी पर नपाई कराकर हर खेसरा का रकबा अलग करा सकते हैं। बेचने वाले की जमाबंदी में ही मिलजुमले रकबा हो तो वह परिमार्जन प्लस से अलग रकबा दर्ज करा सकता है (प्रश्न 15)। ई-मापी की बात जमीन सर्वे और ई-मापी में है।
- अपना मोबाइल. FAQ (प्रश्न 7) के अनुसार आवेदन हमेशा आवेदक के अपने लॉगिन से हो, ताकि बाद की हर कार्रवाई की जानकारी उसे मिले।
FAQ (प्रश्न 11) की खरीदने से पहले की सीख: ज़मीन सिर्फ़ जमाबंदी रैयत से खरीदें और पहले पोर्टल पर देख लें कि उसकी जमाबंदी ऑनलाइन है और बेचे जाने वाले खाता, खेसरा, रकबे का ब्योरा वहाँ है। बाकी जाँचें ज़मीन की रजिस्ट्री से पहले में हैं।
Dakhil Kharij Online कौन कर सकता है: अपने लॉगिन की बात
Dakhil kharij online कौन कर सकता है? FAQ (प्रश्न 9) कहता है कि स्वामित्व मिलने पर रैयत खुद आवेदन कर सकता है, या ऑनलाइन सेवा-प्रदाता अथवा तृतीय पक्ष से करा सकता है। पर प्रश्न 7 कहता है कि आवेदन हमेशा “आवेदक स्वयं के लॉगिन से” हो। बुकलेट (2 अप्रैल 2025) बताती है कि दिक्कत क्यों आती है: कई लोग किसी और के लॉगिन से आवेदन करा देते हैं और सुधार के लिए उसी लॉगिन तक नहीं पहुँच पाते। बुकलेट की अपील है कि अपने या किसी जानकार के मोबाइल से लॉगिन करें, और दूसरे का लॉगिन लें तो उससे संपर्क में रहें। पोस्टर AD13 (30 जुलाई 2024) भी अपने मोबाइल से पंजीकरण को कहता है, क्योंकि आवेदनों पर अक्सर किसी और का या साइबर कैफ़े का नंबर होता है।
विभाग ने प्रश्न 7 और 9 को आपस में नहीं मिलाया। लॉगिन पेज पर “संचालक” (Operator) का विकल्प भी है; उसका मतलब नहीं बताया गया। हमारी सलाह है कि टाइप कोई और करे तब भी लॉगिन आपके मोबाइल से बना हो, ताकि Token number, वाद संख्या और सुनवाई की सूचना आपकी पहुँच में रहें।
Dakhil Kharij Online कैसे करें: आवेदन के चरण
Dakhil kharij kaise hota hai, यानी आवेदन से शुद्धि पत्र तक का रास्ता, इस हिस्से और अगले हिस्से में है। आवेदन biharbhumi.bihar.gov.in के नागरिक लॉगिन से होता है। स्थिति देखने के पेज biharbhumi.bihar.gov.in और emutation.bihar.gov.in, दोनों पर हैं (होम पेज, 7 नवंबर 2026); उनकी बात दाखिल-खारिज स्टेटस में है।
-
दस्तावेज़ और ब्योरे तैयार रखें
लागू आधार के दस्तावेज़ अलग-अलग PDF में तैयार रखें। साथ में बेचने वाले की जमाबंदी का नंबर (या भाग-पृष्ठ), खाता, खेसरा, रकबा और क्रेता का अपना मोबाइल नंबर पास रखें; OTP उसी पर आएगा।
-
Dakhil Kharij Online के लिए नागरिक लॉगिन खोलें
होम पेज पर “ऑनलाइन दाखिल ख़ारिज आवेदन करें” दबाएँ; यह नागरिक लॉगिन पर ले जाता है। पेज एक “सूचना” दिखाता है कि अपना ही मोबाइल इस्तेमाल करें। “नागरिक” चुनकर मोबाइल नंबर और सुरक्षा कोड भरें और लॉगिन दबाएँ। नए यूज़र हों तो लॉगिन से पहले अगला चरण (पंजीकरण) कर लें (FAQ, प्रश्न 8)।
होम पेज पर “ऑनलाइन दाखिल ख़ारिज आवेदन करें” बटन, लाल तीर से दिखाया गया (कंप्यूटर वाले चित्र में पोर्टल अंग्रेज़ी में खुला है: “Apply for Mutation Online”) सरकारी पोर्टल का स्क्रीनशॉट
लॉगिन पेज: “नागरिक” विकल्प चुना हुआ, मोबाइल नंबर (धुंधला) और कैप्चा भरा हुआ; “साइन इन करें” बटन पर लाल तीर पोर्टल की स्क्रीन का नमूना-चित्र -
नए हों तो लॉगिन से पहले पंजीकरण करें
“पंजीकरण” दबाएँ। फ़ॉर्म में व्यक्तिगत विवरण, पहचान-सत्यापन और पता माँगा जाता है, फिर कैप्चा और “Register Now” (पंजीकरण पेज, 7 नवंबर 2026); बुकलेट (2 अप्रैल 2025) के अनुसार मोबाइल पर आया OTP डालने से पंजीकरण पूरा होता है। पहचान वाले हिस्से में आधार का विकल्प है और टिक “I don’t have आधार and don’t want to share आधार.” (जैसा पेज पर छपा है); इसका नतीजा विभाग ने नहीं समझाया।
लॉगिन पेज: मोबाइल नंबर और कैप्चा के खाने, “साइन इन” और “पंजीकरण” के हरे बटन; पंजीकरण बटन पर लाल तीर पोर्टल की स्क्रीन का नमूना-चित्र
“यूज़र रजिस्ट्रेशन” फॉर्म: व्यक्तिगत विवरण और पता विवरण के खाने (निजी जानकारी धुंधली), कैप्चा और “पंजीकरण करें” बटन पर लाल तीर पोर्टल की स्क्रीन का नमूना-चित्र -
जिला-अंचल चुनकर नया आवेदन शुरू करें
लॉगिन के बाद “ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन करें” चुनें, जिला और अंचल चुनें और “नया दाखिल-खारिज आवेदन करें” दबाएँ।
दाखिल-खारिज का पेज: जिला और प्रखंड की सूचियाँ (चुने हुए नाम धुंधले) और “नया दाखिल खारिज आवेदन करें” बटन; लाल तीर जिला, प्रखंड और बटन की ओर पोर्टल की स्क्रीन का नमूना-चित्र -
पाँच हिस्से भरें: पहला टैब, आवेदक का विवरण
फ़ॉर्म के ऊपर पाँच टैब दिखते हैं (8 नवंबर 2026 की हमारी स्क्रीन पर Applicant Details, Plot Details, Buyer Details, Seller Details और Document Details); पहला टैब आवेदक का विवरण है। हिस्से ये हैं: आवेदक का विवरण; खाता-खेसरा का विवरण; क्रेता, वंशज या हिस्सेदार का विवरण; विक्रेता या पूर्व जमाबंदीदार का विवरण; साक्ष्य अपलोड। हर हिस्से के बाद “Save & Next” दबाएँ। आज के हर खाने का नाम विभाग ने नहीं गिनाया। 2021 की पुरानी शीट (पुराना पोर्टल) में ये ब्योरे माँगे जाते थे: दस्तावेज़ का प्रकार, संख्या, तारीख, राशि, रजिस्ट्री ऑफ़िस; दोनों पक्षों का नाम, पता, जाति, मोबाइल; हलका, मौज़ा, खाता, खेसरा, रकबा, चौहद्दी। हमारी सलाह है कि ये ब्योरे पहले उतार लें।
ऑनलाइन आवेदन का “Applicant Details” टैब: आवेदक का नाम, पिता/पति का नाम, संबंध, दाखिल-खारिज का प्रकार, ईमेल, मोबाइल और पता भरने के खाने (निजी जानकारी धुंधली) और नीचे “Update & Next” बटन पोर्टल की स्क्रीन का नमूना-चित्र -
दूसरा टैब: प्लॉट जोड़ने से पहले जिला से मौज़ा तक चुनें
“Plot Details” टैब में जिला, अनुमंडल, अंचल, हलका और राजस्व थाना-मौज़ा चुनकर “Click here to Add Plot Details” दबाएँ। खुलने वाली खिड़की में तीन हाँ/नहीं वाले सवाल हैं, उनके नीचे जमाबंदी का भाग-पृष्ठ का खोज-खाना, कैप्चा और “Search” बटन। सवाल अपनी स्थिति के अनुसार भरें; हर सवाल का मतलब विभाग के पेजों में नहीं समझाया गया।
“Plot Details” टैब: जिला, अनुमंडल, अंचल, हलका और राजस्व थाना-मौज़ा की सूचियाँ (चुने हुए नाम धुंधले) और “Click here to Add Plot Details” बटन पोर्टल की स्क्रीन का नमूना-चित्र
“दाखिल के सम्बन्धित का विवरण” खिड़की: तीन हाँ/नहीं वाले सवाल, भाग-पृष्ठ के खाने, कैप्चा और “Search” बटन, लाल तीरों के साथ पोर्टल की स्क्रीन का नमूना-चित्र -
जमाबंदी चुनें, फिर रकबा और चौहद्दी भरें
खोज का पेज पंजी-II का वही पेज है जो जमाबंदी देखने में आता है: जिला, अंचल, “Proceed”, हलका, मौज़ा, खोज का एक तरीका, सुरक्षा कोड और “Search”। चुनी हुई जमाबंदी की पंक्ति के आगे उस खेसरा का रकबा और चारों दिशाओं की चौहद्दी (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) भरनी होती है, फिर “Close” दबाकर खिड़की बंद करें। रकबा जमाबंदी के रकबे से ज़्यादा न हो; मिलजुमले रकबे का दाखिल-खारिज नहीं होता (FAQ, 3 जून 2025)।
पंजी-II की खोज का पेज: जिला, अंचल, हलका और मौज़ा चुने हुए (धुंधले), “खाता नंबर से” विकल्प, सुरक्षा कोड और हरा “Search” बटन; लाल तीरों के साथ पोर्टल की स्क्रीन का नमूना-चित्र
खेसरा जोड़ने की खिड़की: खोजी हुई जमाबंदी की पंक्ति (धुंधली), रकबा और चारों दिशाओं की चौहद्दी के खाने, “Search”, “Reset” और “Close” बटन पोर्टल की स्क्रीन का नमूना-चित्र -
तीसरा और चौथा टैब: क्रेता और विक्रेता का विवरण
“Buyer Details” में क्रेता का प्रकार (Raiyat या Govt Dept/Institution) चुनकर नाम, अभिभावक का नाम, संबंध, जाति, लिंग, मोबाइल, पता और आधार भरें; एक से ज़्यादा क्रेता हों तो “Add New Row”। फिर “Save & Next”। “Seller Details” में बेचने वाले (पूर्व जमाबंदीदार) का वही ब्योरा भरें और फिर “Save & Next” दबाएँ। टैब के नीचे “दिशानिर्देश” में कॉलम-दर-कॉलम बताया गया है कि क्या लिखना है; उसे पढ़ लें।
“Buyer Details” टैब: क्रेता का प्रकार, नाम, अभिभावक का नाम, संबंध, जाति, लिंग, मोबाइल, पता और आधार के खाने (धुंधले), “Add New Row” और “Save & Next” बटन पोर्टल की स्क्रीन का नमूना-चित्र
“Seller Details” टैब: विक्रेता या पूर्व जमाबंदीदार का नाम, अभिभावक, संबंध, जाति, लिंग, मोबाइल, पता और आधार के खाने (धुंधले), और “Save & Next” बटन; लाल तीर हर खाने की ओर पोर्टल की स्क्रीन का नमूना-चित्र -
साक्ष्य अपलोड करें
बुकलेट के अनुसार हर साक्ष्य का अलग PDF चढ़ाने का विकल्प है। 2021 की शीट में फ़ाइल 2 MB से ज़्यादा न रखने और दूसरे मौज़ा की ज़मीन के लिए अलग आवेदन की बात थी; आज के पेजों में ये दोनों नहीं हैं, इसलिए पोर्टल जो कहे वही मानें। अंचल बाद में कोई साक्ष्य माँगे तो उसी लॉगिन से जमा होता है (FAQ, प्रश्न 16)।
-
OTP, Preview और “Final Submit”
सभी हिस्से भरने के बाद क्रेता के मोबाइल पर OTP से सत्यापन होता है; सत्यापन होने पर क्रेता की पंक्ति में हरा “सक्षम” निशान दिखता है (हमारी नमूना स्क्रीन पर)। फिर “Preview & Submit” दबाने पर आवेदन का Preview दिखता है। ब्योरे दस्तावेज़ से मिलाकर “Final Submit” दबाएँ।
क्रेता के मोबाइल का सत्यापन पेज: आवेदन का सार, क्रेता की सूची में OTP सत्यापन के आगे हरा “सक्षम” निशान और नीचे “Preview & Submit” बटन, लाल तीरों के साथ (नमूना जानकारी) पोर्टल की स्क्रीन का नमूना-चित्र -
पावती और Token number सँभालें
Final Submit पर पावती मिलती है, जिसमें Token number लिखा रहता है; उसे सहेज लें। कमी निकले तो आवेदन आपके लॉगिन में लौटता है, जहाँ “Application Scrutiny Status” के विकल्प से उसे सुधारकर दोबारा जमा करते हैं (FAQ, प्रश्न 21)।
Dakhil Kharij Online के बाद अंचल में क्या-क्या होता है
Dakhil Kharij Online का आवेदन जमा होने के बाद FAQ (प्रश्न 19) और बुकलेट अंचल की प्रक्रिया आठ पड़ावों में बताते हैं:
-
संवीक्षा और वाद संख्या
आपका आवेदन अंचलाधिकारी के सामने ऑनलाइन आता है। संवीक्षा वे खुद या राजस्व कर्मचारी से कराते हैं। सही मिलने पर आवेदन स्वीकार होता है और उसे दाखिल-खारिज वाद संख्या मिलती है।
-
कमी मिले तो आवेदन आपके लॉगिन में लौटता है
त्रुटि या दस्तावेज़ की कमी हो तो अंचलाधिकारी का न्यायालय आवेदन “सकारण” आपके लॉगिन में वापस कर देता है; कारण वहीं दिखता है। सुधारकर दोबारा जमा करें, फिर वाद संख्या मिलती है।
-
राजस्व कर्मचारी का प्रतिवेदन
वाद संख्या के बाद राजस्व कर्मचारी हर खेसरा की भौतिक जाँच का प्रतिवेदन दर्ज करके वाद ऑनलाइन राजस्व अधिकारी को भेजते हैं।
-
राजस्व अधिकारी का प्रतिवेदन
राजस्व अधिकारी कर्मचारी के प्रतिवेदन की जाँच करके अपना मत लिखते हैं और वाद अंचलाधिकारी को ऑनलाइन भेजते हैं।
-
आम सूचना और खास सूचना, 14 दिन
आदेश से पहले अंचलाधिकारी उस खेसरा की आम और खास सूचना निकालते हैं और आपत्ति की आशा में 14 दिन तक आदेश नहीं देते। शब्दावली (13 अक्टूबर 2025) के अनुसार आम सूचना आपत्ति बुलाने की सार्वजनिक सूचना है और खास सूचना संबंधित व्यक्तियों को दी जाने वाली सूचना, ऑफ़लाइन या डिजिटल। पोर्टल पर “आम सूचना” का पेज भी है (जिला, अंचल, मौज़ा से खुलता है); उसमें क्या दिखता है, विभाग ने नहीं बताया।
-
आपत्ति आई हो तो सुनवाई
14 दिन में आपत्ति दर्ज हो तो अंचलाधिकारी सभी पक्षों की सुनवाई करके आदेश देते हैं। FAQ (प्रश्न 28) के अनुसार आपत्तिकर्ता को सुनवाई की तारीख SMS से बताई जाती है और भौतिक सूचना भी तामील कराई जाती है।
-
आपत्ति न आई हो तो आदेश
14 दिन बाद आपत्ति न हो तो अंचलाधिकारी राजस्व कर्मचारी या अधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर, या ज़रूरत हो तो खुद की जाँच के बाद, आदेश देते हैं।
-
शुद्धि पत्र और नाम चढ़ना
स्वीकृति का आदेश हो तो अंचलाधिकारी दाखिल-खारिज शुद्धि पत्र निकालते हैं। ऐसा होते ही उस खेसरा का रकबा पुराने रैयत से कटकर नए रैयत के नाम चढ़ जाता है और प्रक्रिया पूरी होती है (FAQ, प्रश्न 19)। नई जमाबंदी इसी तरह बनती है (FAQ जमाबंदी, 3 जून 2025); वह कैसी दिखती है, जमाबंदी की गाइड में है।
“दाखिल-खारिज प्रमाण पत्र” नाम का कोई दस्तावेज़ विभाग के पेजों में नहीं मिला। लिखा यह है: शुद्धि पत्र, और निपटारे के बाद वाद-अभिलेख की सत्यापित प्रति bhuabhilekh.bihar.gov.in से (FAQ, प्रश्न 32); उसका शुल्क और समय नहीं बताया गया। भू-अभिलेख की बाकी बातें खतियान की गाइड में हैं।
Dakhil Kharij Online में आपत्ति: किसी और के आवेदन को कैसे रोकें
मान लें आपके भाई ने बँटवारे के बिना पुश्तैनी ज़मीन बेच दी और खरीदार Dakhil Kharij Online करा रहा है। FAQ (प्रश्न 22): बिक्री से राजस्व रिकॉर्ड में स्वामित्व नहीं बदलता; खरीदार दाखिल-खारिज का आवेदन करे तो दूसरा हिस्सेदार उस पर आपत्ति दर्ज करके अपना पक्ष रख सकता है, और आपत्ति सही पाई गई तो अंचलाधिकारी स्वामित्व नहीं बदलेंगे।
पोस्टर AD16 (30 जुलाई 2024) के अनुसार आपत्ति ऐसे दर्ज होती है:
- biharbhumi.bihar.gov.in खोलकर “दाखिल-खारिज वाद पर आपत्ति दर्ज करें” दबाएँ और मोबाइल से लॉगिन करें (नए हों तो पहले रजिस्ट्रेशन)।
- जिला और अंचल चुनें; दाखिल-खारिज का वाद संख्या और वर्ष भरकर “Next” दबाएँ।
- वाद का विवरण सही लगे तो “File Objection” दबाएँ।
- आपत्ति का विवरण लिखें, संबंधित दस्तावेज़ की PDF लगाएँ और “Proceed” दबाएँ।
- मोबाइल पर आया OTP भरकर “Submit” दबाएँ; आपत्ति दर्ज हो जाती है।
उसी पोस्टर के अनुसार आपत्ति वाद-अभिलेख का हिस्सा बन जाती है, और उसे बिना सुने अंचलाधिकारी वाद का निष्पादन नहीं कर सकते। अपने प्लॉट पर कौन-से आवेदन दायर हैं, यह देखने की व्यवस्था पोस्टर AD15 (30 जुलाई 2024) में है; वह रास्ता दाखिल-खारिज स्टेटस में है।
जमाबंदी लॉक नहीं होती, SMS अलर्ट मिलता है. FAQ (प्रश्न 24): “नहीं, नियमतः किसी भी जमाबंदी को दाखिल-खारिज हेतु लॉक करने का प्रावधान नहीं है।” जानकारी पाने का रास्ता SMS अलर्ट है, जो उस खेसरा पर बदलाव की प्रक्रिया शुरू होने और पूरी होने पर SMS देता है (FAQ के प्रश्न 25-26 और SMS अलर्ट FAQ, 3 जून 2025)। अलर्ट लगाने के चरण Bihar Bhumi के होम पेज पर हैं। आपत्ति का शुल्क, आखिरी तारीख और प्रारूप विभाग के पेजों में नहीं लिखा।
Dakhil Kharij आदेश पर अपील: DCLR, समाहर्ता और न्यायाधिकरण
Dakhil kharij online में अंचलाधिकारी के आदेश से असंतुष्ट पक्ष के लिए FAQ (प्रश्न 29 से 31) की सीढ़ी यह है:
- अपील: आदेश के 30 दिन के भीतर भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) के सामने। 30 दिन बाद विलंब माफी याचिका के साथ, जिस पर DCLR योग्यता के आधार पर निर्णय लेते हैं।
- पुनरीक्षण: DCLR के आदेश से भी असंतोष हो तो समाहर्ता या अपर समाहर्ता के न्यायालय में।
- उसके बाद: बिहार भूमि न्यायाधिकरण या सिविल कोर्ट।
कमियाँ तीन हैं। FAQ पुनरीक्षण की अवधि नहीं बताता; 2020 के पोस्टर 8 (पुराना) की कविता में तीस दिन आता है, पर उसे हम पक्का नियम नहीं मानते। FAQ यह भी नहीं बताता कि अपील कैसे दायर करें: राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली के “File Case Online” में भूमि सुधार उपसमाहर्ता का न्यायालय चुनने का विकल्प है (पोस्टर AD01, 15 जुलाई 2024), पर विभाग यह नहीं लिखता कि दाखिल-खारिज की अपील उसी रास्ते से होती है। अपील का शुल्क भी नहीं बताया गया। अपील के केस की स्थिति की बात दाखिल-खारिज स्टेटस में है।
Suo-moto Dakhil Kharij (निबंधन के साथ): सिर्फ़ फ़ॉर्म है
Bihar Bhumi के होम पेज (7 नवंबर 2026) पर लिंक है “निबन्धन के साथ दाखिल ख़ारिज का प्रपत्र”, जो एक पन्ने का SuoMotuForm.pdf (1 अप्रैल 2021) खोलता है। उसमें लिखा है:
- पता: “सेवा में, अंचल अधिकारी”, और “द्वारा: जिला अवर निबंधक / अवर निबंधक”।
- मुख्य बात: आवेदक ने अंचल में केवाला या दानपत्र से प्लॉट निबंधित कराया है और उसके ऑन-लाइन दाखिल-खारिज के ब्योरे दे रहा है।
- माँगे गए ब्योरे: विक्रेता जमाबंदीदार रैयत है या नहीं; जमाबंदी संख्या, भाग और पृष्ठ; क्रेता और विक्रेता एक-एक हैं या नहीं; दोनों का नाम, पता, जाति, मोबाइल; ज़मीन का ब्योरा (जिला, अंचल, हल्का, मौजा, थाना नंबर, खाता, खेसरा, रकबा, चौहद्दी)।
- अंत में: निबंधित केवाला या दानपत्र की ज़मीन का ऑन-लाइन दाखिल-खारिज करने का अनुरोध, और आवेदक के हस्ताक्षर, नाम, पता, मोबाइल।
सिर्फ़ फ़ॉर्म ही मिलता है। विभाग के पेज नहीं बताते कि इसे कौन और कहाँ जमा करता है, कितने समय में, यह ऑनलाइन आवेदन की जगह लेता है या नहीं, और कोई शुल्क है या नहीं; FAQ में suo-moto का ज़िक्र ही नहीं है। हमारी सलाह है कि रजिस्ट्री के समय यह फ़ॉर्म सामने आए तो रजिस्ट्री और अंचल कार्यालय से पूछ लें।
Dakhil Kharij Adhiniyam: बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011
“Dakhil kharij adhiniyam” खोजने वाले जानना चाहते हैं कि विभाग खुद क्या कहता है। FAQ (3 जून 2025, प्रश्न 2 और 3) और बुकलेट (2 अप्रैल 2025) में सिर्फ़ इतना है: आवेदनों का निष्पादन बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 और बिहार भूमि दाखिल-खारिज नियमावली, 2012 के तहत होता है, साथ में समय-समय के संशोधन और परिपत्र लागू होते हैं। FAQ (प्रश्न 3) के अनुसार अधिनियम का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना और स्वामित्व-परिवर्तन को शीघ्रता से दर्ज करने का कानूनी ढाँचा देना है।
हमने अधिनियम या नियमावली का मूल पाठ नहीं पढ़ा, इसलिए किसी धारा या नियम का नंबर नहीं देते। इस पेज की 90 दिन, 35, 75 और 30 दिन की संख्याएँ विभाग के FAQ से हैं, धाराओं से नहीं।
Batwara Dakhil Kharij और संयुक्त जमाबंदी
बँटवारा 15 आधारों में एक है (आधार (ग) ऊपर की तालिका में): चार तरह के दस्तावेज़ों में से एक और सभी फरीक की लिखित सहमति। संयुक्त जमाबंदी से कुछ हिस्सा बिके तो बुकलेट के अनुसार अन्य हिस्सेदारों का सहमति-पत्र अनिवार्य है।
“Batwara dakhil kharij portal” खोजने वालों के लिए: विभाग के पेजों में बँटवारे के लिए अलग पोर्टल या फ़ॉर्म का ज़िक्र नहीं है; वह उसी ऑनलाइन आवेदन के आधारों में गिना गया है। बुकलेट (2 अप्रैल 2025) LPC के लिए कहती है कि संयुक्त जमाबंदी में कोई रैयत अपने हिस्से का अलग LPC चाहे तो पहले “बंटवारा म्यूटेशन” से जमाबंदी अपने नाम बँटवा ले; देखें LPC की गाइड।
Dakhil Kharij Online: विभाग के पेज जो नहीं बताते
Dakhil Kharij Online के इन सवालों के जवाब विभाग के दस्तावेज़ों में नहीं मिले, इसलिए हम अंदाज़ा नहीं लगाते:
- 35 और 75 कार्य दिवस की गिनती कब शुरू होती है, “कार्य दिवस” में कौन-से दिन आते हैं, और संवीक्षा की अलग समय-सीमा है या नहीं।
- दाखिल-खारिज अस्वीकार हो तो क्या होता है और क्या कारण दिए जा सकते हैं; FAQ सिर्फ़ स्वीकृति, आपत्ति और अपील बताता है।
- टोकन संख्या और वाद संख्या एक हैं या नहीं।
- आपत्ति और अपील का शुल्क, आपत्ति की आखिरी तारीख, और अपील दायर करने का तरीका।
- Suo-moto फ़ॉर्म किसे और कहाँ जमा करना है।
- सेवा-केंद्र या एजेंट की फीस की कोई सीमा।
- आज के आवेदन के हर खाने के नाम और अपलोड की फ़ाइल का आकार।
- बिना मोबाइल या इंटरनेट वाले के लिए ऑफ़लाइन रास्ता; FAQ (प्रश्न 8) कहता है कि आवेदन सिर्फ़ ऑनलाइन होता है। 2020 की कविता शिविर में भी दाखिल-खारिज बताती है; उसे हम आज का नियम नहीं मानते।
- कोई हेल्पलाइन: आज के पेजों पर नहीं छपी, इसलिए हम कोई नंबर नहीं देते।
Dakhil Kharij Online के बाद आगे क्या करें
- आवेदन की स्थिति और कमी की जाँच: दाखिल-खारिज स्टेटस।
- बेचने वाले की जमाबंदी में कमी: परिमार्जन प्लस।
- नई जमाबंदी देखना: जमाबंदी की गाइड; खाता-खेसरा का फ़र्क: खाता-खेसरा।
- लगान अद्यतन रखना, ख़ासकर LPC से पहले: Bhulagan Bihar।
कोई समय-सीमा या नियम बदला दिखे तो संपर्क पेज से बताइए; हम जाँचकर तारीख के साथ सुधारेंगे।
Dakhil Kharij Bihar के सवाल: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दाखिल-खारिज के सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवाल नीचे हैं। हर जवाब में विभाग के दस्तावेज़ का नाम और तारीख है।
Dakhil Kharij Kya Hota Hai?
विभाग के FAQ (3 जून 2025) के अनुसार दाखिल-खारिज एक कानूनी प्रक्रिया है, जिससे ज़मीन के मालिकाना हक़ में हुआ बदलाव सरकारी रिकॉर्ड, यानी जमाबंदी पंजी में दर्ज होता है। ज़मीन खरीदने, बेचने या मालिक बदलने पर यही प्रक्रिया करनी पड़ती है। सिर्फ़ बिक्री से राजस्व रिकॉर्ड में स्वामित्व नहीं बदलता।
Dakhil Kharij in English और उसका meaning क्या है?
अंग्रेज़ी में दाखिल-खारिज को mutation कहते हैं। राजस्व शब्दावली (13 अक्टूबर 2025) के अनुसार इसमें जमाबंदी बदलकर नए मालिक का नाम दर्ज होता और पुराने का हटता है। हमारी सरल व्याख्या: जिसके नाम ज़मीन चढ़ती है उसके नाम “दाखिल” होती है, और जिसकी कटती है उसके नाम से “खारिज”।
Dakhil Kharij Online कैसे करें?
biharbhumi.bihar.gov.in पर “ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन करें” दबाएँ, मोबाइल से लॉगिन करें (नए हों तो पंजीकरण), जिला-अंचल चुनकर “नया दाखिल-खारिज आवेदन करें” दबाएँ, पाँच हिस्से भरें, क्रेता के मोबाइल पर OTP डालें और “Final Submit” करें। पावती पर Token number मिलता है (FAQ, 3 जून 2025)।
Dakhil Kharij Online की फीस कितनी है?
विभाग के FAQ (3 जून 2025) में लिखा है: “दाखिल-खारिज पूर्णतः निःशुल्क है।” यह विभाग की सेवा की बात है। एजेंट, साइबर कैफ़े या सेवा-केंद्र की अपनी फीस के बारे में विभाग कुछ नहीं कहता, इसलिए वहाँ पहले पूछ लें कि वे क्या माँग रहे हैं और क्यों।
Dakhil Kharij Online कितने दिन के अंदर कराना चाहिए?
ज़मीन का अधिकार मिलने के 90 दिन के भीतर। विभाग के FAQ (3 जून 2025) के अनुसार 90 दिन निकल जाएँ तो आवेदन के साथ विलंब माफी याचिका लगानी होती है, जिस पर अंचल अधिकारी योग्यता के आधार पर निर्णय लेते हैं। कैसी देरी माफ़ होती है, यह नहीं लिखा।
Dakhil Kharij Online में कितना समय लगता है?
विभाग के FAQ (3 जून 2025) के अनुसार आपत्ति न आए तो याचिका मिलने के 35 कार्य दिवस के भीतर और आपत्ति आए तो 75 कार्य दिवस के भीतर अंचल अधिकारी आदेश देकर निपटारा करते हैं। आदेश से पहले 14 दिन की आम और खास सूचना की अवधि होती है। गिनती कब से शुरू होती है, यह नहीं बताया गया।
Dakhil Kharij Online के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
यह इस पर निर्भर है कि हक़ कैसे मिला। FAQ (3 जून 2025) में 15 आधार (क) से (ण) हैं: जैसे बिक्री और दान में निबंधित दस्तावेज़, विरासत में मृत्यु प्रमाण पत्र और वंशावली, वसीयत में प्रोबेट आदेश के साथ वसीयत। पूरी तालिका ऊपर है।
बेचने वाले की जमाबंदी ऑनलाइन न हो या रकबा कम हो तो क्या करें?
विभाग के FAQ (3 जून 2025) के अनुसार बेचने वाले की जमाबंदी ऑनलाइन और उसमें उस खेसरा का पर्याप्त रकबा दर्ज होना ज़रूरी है। न हो तो पहले परिमार्जन प्लस से जमाबंदी ऑनलाइन या ठीक कराएँ, फिर आवेदन करें। मिलजुमले रकबे का दाखिल-खारिज “कभी नहीं” हो सकता।
Dakhil Kharij Online कौन कर सकता है, दूसरे के लॉगिन से कर सकते हैं?
FAQ (3 जून 2025) के अनुसार रैयत खुद, या ऑनलाइन सेवा-प्रदाता और तृतीय पक्ष के ज़रिए आवेदन करा सकता है; पर सबसे ज़रूरी बात यह लिखी है कि आवेदन हमेशा आवेदक के अपने लॉगिन से हो। दोनों बातों का मेल विभाग ने नहीं बताया। हमारी सलाह है कि अपना ही मोबाइल और लॉगिन इस्तेमाल करें।
किसी ने मेरी ज़मीन पर Dakhil Kharij Online का आवेदन डाल दिया, क्या करूँ?
FAQ (3 जून 2025) के अनुसार “दाखिल-खारिज वाद पर आपत्ति दर्ज करें” से आपत्ति लगाई जा सकती है; पोस्टर AD16 (30 जुलाई 2024) के अनुसार अंचलाधिकारी आपत्ति सुने बिना वाद का निष्पादन नहीं कर सकते। जमाबंदी को “लॉक” करने का प्रावधान नहीं है; SMS अलर्ट चुना हो तो सूचना मिलती है।
दाखिल-खारिज का आदेश गलत लगे तो अपील कहाँ करें?
FAQ (3 जून 2025) के अनुसार आदेश के 30 दिन के भीतर भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) के सामने अपील; फिर समाहर्ता या अपर समाहर्ता के यहाँ पुनरीक्षण; फिर बिहार भूमि न्यायाधिकरण या सिविल कोर्ट। 30 दिन बाद अपील के साथ विलंब माफी याचिका लगती है।
Dakhil Kharij Certificate क्या होता है और कहाँ से मिलता है?
विभाग के पेजों में “दाखिल-खारिज प्रमाण पत्र” नाम का कोई दस्तावेज़ नहीं मिला। लिखा यह है: स्वीकृति के बाद अंचलाधिकारी शुद्धि पत्र निकालते हैं, और निपटारे के बाद वाद-अभिलेख की सत्यापित प्रति bhuabhilekh.bihar.gov.in से मिलती है (FAQ, 3 जून 2025)। शुल्क और समय नहीं बताया गया।
इस पेज के स्रोत
इस गाइड के तथ्य विभाग के इन दस्तावेज़ों से लिए गए हैं (तारीख उस दस्तावेज़ की, जिस दिन उसमें बदलाव हुआ या हमने उसे देखा):
- विभाग का FAQ पेज: दाखिल-खारिज (FAQ_13), प्रश्न 1 से 32 · 3 जून 2025
- विभाग का FAQ पेज: जमाबंदी (FAQ_12) · 3 जून 2025
- विभाग का FAQ पेज: SMS अलर्ट सेवा · 3 जून 2025
- बुकलेट “बिहारभूमि: ऑनलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी” (V1.1), दाखिल-खारिज के पेज · 2 अप्रैल 2025
- नागरिक-सुविधा पोस्टर AD15 और AD16: प्लॉट पर आवेदन देखना और आपत्ति दर्ज करना · 30 जुलाई 2024
- नागरिक-सुविधा पोस्टर AD13: अपना मोबाइल नंबर इस्तेमाल करें · 30 जुलाई 2024
- नागरिक-सुविधा पोस्टर AD01: राजस्व न्यायालय में वाद दायर करना · 15 जुलाई 2024
- राजस्व शब्दावली (Revenue Glossary Terms Final Approved) · 13 अक्टूबर 2025
- निबन्धन के साथ दाखिल ख़ारिज का प्रपत्र (SuoMotuForm.pdf) · 1 अप्रैल 2021
- विभाग का पोस्टर 8: दाखिल-खारिज की सामान्य प्रक्रिया (कविता, पुराना) · 10 अगस्त 2020
- विभाग की पुरानी शीट “Online Mutation आवेदन जमा करने की प्रक्रिया” (पुराना पोर्टल) · 23 फ़रवरी 2021
- Bihar Bhumi का होम पेज, नागरिक लॉगिन, पंजीकरण और आम सूचना पेज (हमारी जाँच) · 7 नवंबर 2026
dakhil kharij online समझ लिया? dakhil kharij online समेत सभी Bihar Bhumi सेवाएँ एक पेज पर देखिए: असली पोर्टल के पते, चरण और विभाग के नियम।
इस गाइड के पीछे कौन
इस साइट की गाइड लिखते हैं और हर तथ्य के साथ विभाग के दस्तावेज़ का नाम और तारीख दर्ज करते हैं।
हर गाइड में लिखे पते, तारीखें और नियम विभाग के दस्तावेज़ से मिलाकर जाँचते हैं और जाँच की तारीख दर्ज करते हैं।
पोर्टल से आखिरी मिलान: 7 नवंबर 2026 · पेज का अपडेट: 7 नवंबर 2026
हमारी जाँच की प्रक्रिया यहाँ लिखी है। कोई बात गलत या बदली हुई दिखे तो हमें बताइए।